
Bopath Ella Falls
Meilleur moment pour visiter
दिसंबर से अप्रैल के बीच सुबह 7-10 बजे तक आना सबसे अच्छा है। इस समय पानी का बहाव पर्याप्त होता है, लेकिन भीड़ कम होती है और मौसम साफ रहता है।
Conseils budget
झरने तक पहुंचने के लिए कोई एंट्री फीस नहीं है, केवल पार्किंग का मामूली शुल्क देना होता है। पास के गांव से टुक-टुक किराए पर लेकर आएं, यह बस या प्राइवेट कैब से सस्ता पड़ेगा।
Recommandé pour
प्रकृति प्रेमी, फोटोग्राफी के शौकीन, एडवेंचर ट्रैवलर, पिकनिक मनाने वाले परिवार
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1.5-2.5 घंटे
À propos
Faits rapides: रत्नपुरा जिले के घने जंगलों से होकर बहने वाला यह झरना 30 मीटर ऊंचाई से गिरता है और इसका आकार बिल्कुल बोधि वृक्ष के पत्ते जैसा है। तीन स्तरों में गिरने वाले इस झरने का पानी कुरुविटा नदी में मिलता है, जो आगे जाकर कालू नदी का हिस्सा बनता है।
Points forts: बारिश के मौसम में जब पानी का बहाव चरम पर होता है, तो झरने की गड़गड़ाहट एक किलोमीटर दूर तक साफ सुनाई देती है और चारों ओर पानी की फुहारों से इंद्रधनुष जैसा नजारा बनता है। स्थानीय लोग मानते हैं कि इस झरने के नीचे नहाने से त्वचा संबंधी रोग ठीक हो जाते हैं, यही वजह है कि सालाना हजारों श्रद्धालु यहां आते हैं।
Conseils d'initiés
- तंग घाटी और फिसलन भरे रास्ते के कारण अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनकर आएं, चप्पल या सैंडल में जाना खतरनाक हो सकता है।
- झरने के बाईं ओर एक छोटा सा प्लेटफॉर्म है जहां से पूरे झरने का सबसे अच्छा फोटो एंगल मिलता है, वीकेंड पर सुबह 8 बजे से पहले वहां पहुंच जाएं।
- झरने के नीचे सीधे न तैरें, पानी का दबाव बहुत ज्यादा हो सकता है, बल्कि किनारे पर बने प्राकृतिक पूल में नहाएं।
- आसपास कोई खाने की दुकान नहीं है, इसलिए अपने साथ पानी की बोतल और कुछ हल्का नाश्ता जरूर लेकर जाएं।
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