
Sri Sumana Saman Devalaya
Bästa tid att besöka
सुबह 7-9 बजे के बीच आना सबसे अच्छा रहता है, जब मंदिर शांत होता है और पूजा का माहौल अपने चरम पर होता है। अगस्त-सितंबर में रथ यात्रा और पेराहेरा का आयोजन देखने का बेहतरीन मौका मिलता है।
Budgettips
इस देवालय में प्रवेश पूरी तरह मुफ़्त है, केवल दान की व्यवस्था है। पास के रत्न संग्रहालय के साथ मिलाकर देखने के लिए 500-1000 रुपये का हल्का बजट रख लें।
Rekommenderas för
आध्यात्मिक यात्री, संस्कृति प्रेमी, फोटोग्राफी शौकीन, परिवार
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1-2 घंटे
Om
Snabba fakta: रत्नपुरा शहर के बीचोबीच स्थित इस देवालय में सुमन नामक एक देवता की पूजा होती है, जिन्हें बौद्ध धर्म में सबसे पहले बुद्ध के चरणों को छूने वाला माना जाता है। हर साल यहाँ हज़ारों भक्त रथ यात्रा और पेराहेरा उत्सव में शामिल होने आते हैं, जो इस क्षेत्र का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है।
Höjdpunkter: यह वो जगह है जहाँ सिंहली, तमिल और मुस्लिम सभी समुदायों के लोग एक साथ प्रार्थना करने आते हैं, तीनों धर्मों के प्रतीक यहाँ एक ही छत के नीचे देखे जा सकते हैं। खास बात यह कि यहाँ का मुख्य पुजारी भी अक्सर तीनों समुदायों की परंपराओं को एक साथ निभाता है, जो सद्भाव की मिसाल है।
Insidertips
- पूजा के समय (सुबह 6:30-7:30) आने पर पुजारी द्वारा किया जाने वाला आरती का दृश्य बेहद खास होता है
- मंदिर परिसर के अंदर फोटोग्राफी की अनुमति सीमित है, पहले पुजारी से अनुमति लेना न भूलें
- सफेद या हल्के रंग के पारंपरिक कपड़े पहनकर आएं, शॉर्ट्स और टी-शर्ट में प्रवेश नहीं दिया जाता
- मुख्य मंदिर के पीछे एक छोटा सा बगीचा है जो शहर के शोर से दूर ध्यान लगाने के लिए परफेक्ट है
Where to Stay in Ratnapura
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